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कुवैत ने आईआईटी डिग्री को किया अवैध घोषित, कहा एनबीए से एप्रूव नही है

भारत के एचआरडी मंत्रालय ने समस्या को सुलझाने के लिए ऑफिसर्स के साथ राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों की सूची भेजी है।

कुवैत में काम कर रहे प्रीमियर इंजीनियरिंग संस्थानों के इंजीनियरों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। कुवैत के सरकारी मानव संसाधन द्वारा लेबर डिपार्मेंट को जारी नोटिस में ये साफ कहा गया है कि किसी भी इंजीनियर को बिना नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) के काम पर नहीं रखा जाएगा।

कुवैत में काम कर रहे इंजीनियरों को कुवैत इंजीनियर्स सोसाइटी से एनओसी लेना होगा तभी वो आगे काम कर सकते हैं।

बतातें चले कि कुवैत द्वारा जारी किये इस निर्देश से भारत के आईआईटी जैसे संस्थानों के डिग्रीयों पर अवैधता के शक के घेरे में खड़ा कर दिए है।

भारत के हिसाब से, इंजीनियरों को केवल तभी एनओसी जारी किया जाना था, जब पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) द्वारा मान्यता दी गई थी।

भारत के एचआरडी मंत्रालय के एक वरिष्ठ के अनुसार, “एक उच्च-स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कुवैत का दौरा किया है और कुवैत के अधिकारियों को ‘गैर-एनबीए प्रमुख संस्थान’ और ‘राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों’ की सूची भेजने का निर्णय लिया गया।”

आईआईटी, आईआईसी और जेउ (JU) ने अपने इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए एनबीए से कभी मान्यता नहीं ली है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के कई अभी तक अपने बीटेक पाठ्यक्रमों के लिए मान्यता लेने के लिए हैं।

पहले 1990 के दशक में एनबीए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) का टेक्निकल एजुकेशन रेगुलेटर विंग हुआ करता था , लेकिन 2010 में एक स्वायत्त निकाय बन गया।


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