IAF Apache Attack Helicopter Handover
IAF Apache Attack Helicopter Handover

AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर का पहला बैच आज भारत पहुंचेगा

AH-64E Apache Guardian Attack Helicopter in India: अमेरिका के बोईंग द्वारा निर्मित 22 हेलीकॉप्टर में से AH-64E अपाचे गार्डियन अटैक हेलीकॉप्टर का पहला बैच भारत पहुंचेगा। इन्हे एंटोनोव AN 224 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से हिंडन एयरबेस पर उतारा जाएगा।

भारत के वायु सेना रक्षा कवच को और मजबूत बनाते हुए, बोईंग AH-64E अपाचे गार्डियन अटैक हेलीकॉप्टर ग़ज़िआबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर शनिवार को कभी भी पहुंच सकता है।

ख़बरों के मुताबिक पहले बैच में 3 या 4 हेलीकॉप्टर हो सकते हैं और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एंटोनोव AN 224 से लाया जा रहा है।

यहाँ पर फाइनल असेंबली होगी फिर उसके बाद कई ट्रायल्स भी होंगे। अंतिम ट्रायल के बाद, पाकिस्तान बॉर्डर के पास, पठानकोट एयरबेस पर तैनात किया जाएगा।

सूचनाओं के अनुसार, ग्रुप कप्तान एम शैलू इस स्क्वाड्रन को लीड करेंगे। वर्तमान में Mi-35 हेलीकाप्टर स्क्वाड्रन 125 भी पठानकोट में हीं तैनात है।

AH-64E अपाचे गार्डियन अटैक हेलीकॉप्टर का दूसरा बैच आसाम के जोरहट एयरबेस पर स्थित रहेगा।

पूर्व सूचनाओं के अनुसार पहले 4 हेलीकॉटर का बैच अमेरिकी एयर फ़ोर्स के C-17 ग्लोबमास्टर से पठानकोट एयरबेस पर लाया जाना था। वहां इनकी असेंबली होनी थी, हालांकि इसकी कोई भी ऑफिसियल निर्देश नहीं दिये गए थे।

मई 10, 2019 को मेसा, एरिज़ोना में बोईंग की प्रोडक्शन सेण्टर से इंडियन एयर फ़ोर्स को ऑफिशियली हैंड ओवर किया गया था।

एयर मार्शल एएस बुटोला ने अपाचे हेलीकाप्टर के पहले बैच को बोईंग फैसिलिटी से स्वीकार किया था।

बताते चलें कि भारत ने अमेरिका के बोईंग से सितम्बर 2015 में USD 2.2 बिलियन डॉलर का सौदा किया था, जिसमे 22 AH-64Es और 15 CH-47F चिनूक हैवी लिफ्ट हेलीकाप्टर शामिल थे।

IAF ने चिनूक हेलीकॉप्टर का पहले चार के बैच को चंडीगढ़ में स्टेशन किया गया है। इन्हें हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन 126 से जोड़ा गया है।

अमेरिकी निर्मित इन हेलीकॉप्टरों को IAF के जरुरत के हिसाब से बनाया गया है। साथ ही भारतीय एयरफोर्स के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अपाचे हेलीकॉप्टरों में 30 मिमी की मशीन गन से लैस किया गया है। ये एक बार में 200 राउंड तक फायर कर सकती है। इसके अलावा टैंक को नष्ट करने वाले एंटी टैंक हेलफायर मिसाइल से भी लैस किया गया है।

अन्य हथियारों में हाइड्रा अनगाइडेड रॉकेट भी है। अपाचे 150 नॉटिकल मील प्रति घंटे के हिसाब से उड़ सकती है।

इसमें दुश्मनों पर सटीक हमला करने के लिए ज़मीनी खतरों पर दुश्मनों पर करवाई करने की अद्भुत क्षमता है। युद्ध क्षेत्र में डेटा नेटवर्किंग और तस्वीरों के माध्यम से वेपन सिस्टम को गाइड किया जा सकता है। ये सभी आधुनिक फीचर्स इसे और भी घातक बनाता है।

किसी भी तरह के अभियानों में सपोर्ट देने और आर्मी को सपोर्ट देने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही पाकिस्तान और चीन जैसे दुश्मनों के सामने स्थिति और भी मजबूत होगी।

Source: Zee News


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