फ़ूड अलर्ट: क्या आप अनजाने में कुत्ते का मांस का सेवन कर रहे हैं ?


बैंगलोर के एक सोसाइटी के रहने वाले लोगों को कुत्तों से काफी घृणा हो गई, फिर क्या उन्होंने एक एजेंसी को हायर किया। एजेंसी ने 27 आवारा कुत्तों को दूसरी जगह शिफ्ट किया, लेकिन पशु कल्याण विभाग की मानें तो उन्होंने पुलिस को बताया की कुत्तों को बूचड़खाने में ले जाया गया है।

बैंगलोर के ही एक प्रतिष्ठित अख़बार के रिपोर्ट के अनुसार सोसाइटी के लोगो ने आवारा कुत्तों से निजात पाने के लिए प्रत्येक कुत्ते के लिए 600 रुपये का भुगतान किया। कुत्तों को लगभग दो दिनों के लिए पिंजरे में रखा गया फिर प्रति कुत्ता 200 रुपये में बेचा गया।

बैंगलोर मिरर के मुरलीधरन एस ने ट्विटर पर शेयर करते हुए इस बात का खुलासा किया की इन कुत्तों को फ़ूड चेन्स/जॉइंट्स (बड़े रेस्टुरेंट) को आसानी से बेचा जा रहा है।

आगे उन्होंने ये भी खुलासा किया की चेन्नई कॉरपोरेशन के डॉग पकड़ने वालों ने TASMAC, सड़क के किनारे बिरयानी आउटलेट्स और कोरियाई रेस्तरां को 200 रुपये में एक कुत्ते को बेचा गया।

इसके पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके है। बात है जून 2017 की जब दिल्ली में कई दुकाने बंद थी, क्यूंकि बाजारों में चिकन मोमोज में कुत्ते का मांस बेचा जा रहा था। मामले की जाँच के बाद दिल्ली कैंट के 20 दुकानों में कुत्तें का मांस पाया गया और ये दुकानें बंद कर दी गई।

दिल्ली कैंट के अलावा, गुड़गांव सहित कई क्षेत्रों में दुकानें और रेस्तरां, जहां कुत्ते के कबाब, बिरयानी और मोमोज बेचे जा रहे थे, बंद कर दिए गए।

मानवता और जीने का अधिकार सभी को है, भले वह कुत्ता ही क्यों न हो। इंसान थोड़े पैसों के लालच के चलते इस स्तर तक गिर सकते है।

दूसरी तरफ अनजाने में गलत तरीके से कुत्ते का मांस को खिलाया जा रहा है, जो की ये एक बड़ा अपराध है।

हमें ऐसी घंटनाओ के बारें में जागरूक रहना चाहिए। आपके आसपास ऐसी घटना न हो, सतर्क रहें। साथ ही बाहर खाते समय ध्यान देने की जरुरत है।


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